Showing posts with label पहेली. Show all posts
Showing posts with label पहेली. Show all posts

Friday, January 23, 2026

कोई ऐसा गीत रचो माँ
..................................

कोई ऐसा गीत रचो माँ,
मेरी कलम अमर हो जाए।

कलुष मिटे जन-मन का,
जीवन में फैले प्रकाश,
जन-जन के अंतस में,
जागे नित नयी आस।
कुछ ऐसा रचना माँ, जीवन
उद्देश्य सफ़ल हो जाए।
कोई ऐसा गीत रचो माँ,
मेरी कलम अमर हो जाए।

जन-जन का संताप हरे,
फैले जीवन में दिव्य शान्ति,
प्रेमामृत की अविरल धार बहे,
उर में विकसित हो तेरी भक्ति।
जग के सारे द्वन्द्व भूल,
हर कंठ उसी को गाए। 
कोई ऐसा गीत रचो माँ,
मेरी कलम अमर हो जाए।

Friday, June 22, 2012

पहेली

पहेली

भारत में है बोली जाती,
मेरे मन को खूब है भाती।
पाँच अक्षर का उसका नाम,
उल्टा सीधा एक समान।

                       
                    उत्तर - मलयालम